लोगों को मारा जा सकता है | लेखकों को भी, लेकिन किताबों को मारना संभव नहीं

Tuesday, 13 January 2015

जितेन्द्र कुमार

मैं एक संवेदनशील, सादे विचार वाला, सरल, व्यक्ति हूँ। आप सभी लोगों का स्नेह प्राप्त करना तथा अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की सेवा करना ही मेरी उत्कृष्ट अभिलाषा है।
जितेन्द्र कुमार
मो.न.+918769712538

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